शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय

शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय, लाल किताब से

शुभं करोति शुक्रः
, अर्थात, जो शुभ करता है वह शुक्र है।

ब्रह्माण्ड में ग्रहों की स्थिति का हमारे जीवन पर सीधा असर पड़ता है। इसका ही फायदा लेने के लिए हमारे ऋषियों ने ज्योतिष विज्ञान की रचना की, तथा लाल किताब में उस ज्ञान संजोया। यहाँ आप शुक्र ग्रह में दोष के लक्षण तथा शुक्र ग्रह को मजबूत करने उपाए जानेंगे। ज्योतिष की प्राचीन पुस्तक लाल किताब में शुक्र ग्रह के अचूक उपाए और मंत्र दिए गए हैं।  

 ज्योतिष में शुक्र ग्रह को धन, वाहन, विवाह व संतान का प्रमुख कारक ग्रह माना गया है। ज्योतिषाचार्य महर्षि पराशर कहते हैं की, ज्योतिष में दो ग्रह शिक्षक होते हैं, बृहस्पति और शुक्र। बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं और शुक्र दानवों के गुरु हैं। ये दो ग्रह अगर कुण्डली में अच्छे हो जाएँ, तो जन्म के अनेक दोषों को दूर करने का क्षमता रखते हैं। इसमें भी शुक्र का स्थान बहुत विशिष्ट है, क्योंकि अगर शुक्र अच्छा हो तो राक्षस कुल के परेशान वाले ग्रह जैसे शनि, राहू और केतु के दोष कम हो जाते हैं। 

(कैसे जानें कौन सा ग्रह खराब है?)

• शुक्र ग्रह में दोष के लक्षण 

शुक्र ग्रह अगर हमारी कुंडली में अच्छा न हो, तो उसके निम्न लक्षण होते हैं: 

• शुक्र ग्रह हमारे संबंधों का कारक ग्रह होता है। चाहे वो व्यक्तिगत सम्बन्ध हों, सामाजिक सम्बन्ध हों या व्यापारिक सम्बन्ध हों, शुक्र ग्रह सभी संबंधों को प्रभावित करता है। तो अगर आप किसी भी तरह के सम्बन्ध से परेशान हैं, तथा उसका प्रत्यक्ष कारण गोचर नहीं है, तो यह आपके शुक्र ग्रह खराब होने के लक्षण हैं। 

• अगर धन और आय की समस्या लगातार बनी रहती है। आय का स्रोत स्थिर नहीं हो पा रहा, जितना मेहनत कर रहे हैं उतना कमा नहीं पा रहे हैं, तो आपको शुक्र ग्रह को खुश करने के उपाए करने चाहिए। 

• मन में अत्यंत चिरचिरापन, बेचैनी तथा अशांति बनी रहती है। शुक्र ग्रह से होने वाले रोग, डाइबिटीज, टाइफाइड तथा मुँह के रोग हैं। अगर बार-बार ये रोग आपको हो रहे हैं, तो समझ जाइये की आपका शुक्र ख़राब है। 

• शुक्र ग्रह विवाह का भी कारक है, तो अगर आपकी शादी नहीं हो पा रही है, शादी में अनावश्यक विलम्ब हो रही है या अड़चनें आ रही हैं, तो शुक्र ग्रह के उपाए जरूर करें। 

• शुक्र ग्रह हमारे कामुकता तथा संतान उत्पति की क्षमता को भी सीधे तौर पर प्रभाव पड़ता है। तो अगर आप किसी भी गुप्त रोग अथवा न चाहते हुए भी पराई स्त्री की तरफ खिंचाव से परेशान हैं, तो शुक्र को प्रसन्न करने के उपाए अवश्य करें। 

तो, अब हमने जान लिया है की शुक्र ग्रह में दोष के लक्षण क्या होते हैं। आइये अब जानते हैं शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के उपाए क्या हैं। 

• शुक्र ग्रह दोष के निवारण का उपाए  

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, किसी भी ग्रह को शांत करने के चार तरीके होते हैं। ये हैं: साधारण उपाए , ज्योतिषीय उपाए, मंत्र प्रयोग से तथा यौगिक उपाए। 

कभी-कभी किसी मुसीबत का समाधान छोटे-छोटे उपायों में भी छुपा होता है। तो अगर कुंडली में शुक्र बहुत ज्यादा खराब स्थिति में नहीं हैं, तो आप कुछ आसान उपाए जैसे आचार-विचार, व्यवहार तथा रहन-सहन में भी परिवर्तन कर के शुक्र का लाभ ले सकते हैं। तो, यहाँ शुक्र ग्रह को मजबूत करने के कुछ उपाए दिए जा रहे हैं जिनको जीवन में उतारकर आप लाभान्वित हो सकते हैं। 
 
हलके रंग के कपड़े पहनें। 

शुक्र का पसंदीदा फूल जैसमिन(चमेली) है। तो, अपने आस-पास जैसमिन का पौधा लगाएँ।
 
• सोमवार और शुक्रवार के दिन सफ़ेद कपड़े, चावल, दही, घी का दान करें।
 
• शुक्र ग्रह को मजबूत करने का रत्न हीरा होता है, लेकिन यह सबके लिए उपयुक्त नहीं होता है। तो शुक्र के लिए कोई भी रत्न धारण करने से पहले अपनी जन्म-कुंडली किसी ज्ञानी पंडित से जरूर दिखा लें। लेकिन शुक्र ग्रह को मजबूत करने का एक अन्य रत्न 'स्फटिक' को चाँदी के माला में पहन सकते हैं, जो सस्ता भी होता है।
 
• छहमुखी रुद्राक्ष को धारण करने से भी ख़राब शुक्र के प्रभाव में कमी आती है। 

 वास्तु शास्त्र में नारियल का बहुत महत्व है। शुक्र ग्रह के बुरे प्रभाव से बचने के लिए घर की पूर्व दिशा में तीन आँख वाला नारियल रखना चाहिए।
  
• 'शुक्र गायत्री मंत्र' शुक्र ग्रह को मजबूत करने का मंत्र है। स्फटिक या रुद्राक्ष की माला पर शुक्र गायत्री मंत्र का जाप प्रत्येक शुक्रवार को 108 बार करना चाहिए। 

ॐ भृगुजाय विद्म्हे,
दिव्य देहाय धीमहि 
तन्नो शुक्रः प्रचोदयात ।

इस मंत्र के जाप से शुक्र पूरी तरह से आपके पक्ष में हो सकता है तथा आपके जीवन को चमका सकता है। 


निष्कर्ष

संक्षेप में, हमने शुक्र ग्रह के अशुभ प्रभावों को दूर करने और इसे मजबूत बनाने के प्रभावी उपायों पर चर्चा की। इन उपायों को अपनाकर आप न केवल शुक्र ग्रह को अनुकूल बना सकते हैं, बल्कि इसके चमत्कारी लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। जीवन में समृद्धि, सुख-सौंदर्य, वैवाहिक सुख और सौभाग्य को बढ़ाने के लिए ये उपाय अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।